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गोल्ड ईटीएफ (गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) के बाद निवेशकों को डायमंड ईटीएफ में भी निवेश करने का विकल्प जल्द ही मिल सकता है। ब्रिटेन के वित्तीय नियामक ने डायमंड ईटीएफ स्थापित करने के लिए कदम बढ़ा दिया है।

नियामक ने छोटे से हीरे का मूल्य निर्धारण करने के लिए एक कंपनी को मंजरी दी है। यह कंपनी डायमंड ईटीएफ लाने का खाका तैयारी करेगी। इस कदम से गोल्ड ईटीएफ का रास्ता साफ हो गया है। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से हीरे में छोटे निवेशक भी निवेश कर पाएंगे जो अब तक सिर्फ अमीरों तक सीमित था। 

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भारतीय निवेशकों को करना होगा इंतजार : ब्रिटेन में डायमंड ईटीएफ अपने शुरुआती चरण में है। वहां इसकी सफल शुरुआत होने के बाद भारत में डायमंड ईटीएफ का गठन हो सकता है। लेकिन, वे निवेशक जो अभी भी विदेशी बाजारों में निवेश करते हैं वह निवेश के इस नए विकल्प का चयन कर सकते हैं। 

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि हीरा दुनियाभर में निवेश का सबसे महंगा विकल्प है। इसलिए इसमें निवेश करने में लोग घबराते हैं। ऐसा इसलिए ही हर हीरे की बनावट और खासियत अलग-अलग होती है। इस वजह से कीमत भी भिन्न-भिन्न होती है। लेकिन, डायमंड ईटीएफ के शुरू होने से निवेशकों का जोखिम कम होगा और निवेशक बढ़ेगा। अभी भी निवेशकों का रुझान धीरे-धीरे डायमंड में बढ़ा है। 

यू2 डायमंड को मिली मंजूरी
ब्रिटेन के वित्तीय नियामक ने यू2 डायमंड लि. को हीरे की कीमत का बाजार से जोड़ने की मंजूरी दी है। इस फर्म से एफटीएसई इंटरनेशनल और आईसीई बेंचमार्क एडमिनिस्ट्रेशन लिमिटेड जैसी वित्तीय संस्थान भी जुड़ेंगे। माना जा रहा है कि इन वित्तीय संस्थानों को हीरे का मूल्य निर्धारण कर बाजार में पेशकश करने की अनुमति मिलेगी। 

बहुत कम शुल्क
भौतिक हीरे के मुकाबले डायमंड ईटीएफ खरीदने और बेचने में बहुत कम शुल्क देना होगा, जबकि फिजिकल डायमंड खरीदने और बेचने में ज्यादा शुल्क अभी देना होता है।

शुद्धता की गारंटी
भौतिक डायमंड खरीदने में शुद्धता को लेकर संशय होता है कि उसमें कोई मिलावट तो नहीं है। यह डायमंड ईटीएफ में नहीं होगा। भौतिक गोल्ड के मुकाबेल डायमंड ईटीएफ में कम मात्रा में हीरे खरीदने का विकल्प मिलेगा। 

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